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Rajasthan Panchayati Raj Niyam 1996 (Adhyay 12 BharatI evam any Seva Sharten) | राजस्थान पंचायती राज नियमावली, 1996 हिंदी में (अध्याय 12 भर्ती एवं अन्य सेवा शर्तें)

Rajasthan Panchayati Raj Niyam 1996 (Adhyay 12 BharatI evam any Seva Sharten) | राजस्थान पंचायती राज नियमावली, 1996 हिंदी में (अध्याय 12 भर्ती एवं अन्य सेवा शर्तें)

Rajasthan Panchayati Raj Niyam 1996

Rajasthan Panchayati Raj Niyam 1996

(Adhyay 12 Bharatp evam any Seva Sharten)

राजस्थान पंचायती राज नियम 1996

अध्याय 12

भर्ती और अन्य सेवा शर्तें

256. नियोजन के लिए अपात्र व्यक्ति – (1) कोई भी व्यक्ति किसी पंचायती राज संस्था में स्थाई, अस्थाई या अंशकालिक हैसियत में नियोजित नहीं किया जायेगा, यदि वह- 

(क) अच्छे चरित्र का नही हैं, या 

(ख) किसी भी अन्य पंचायती राज संस्था या किसी अन्य स्थानीय प्राधिकरण या राज्य या केन्द्रीय सरकार की सेवा से अवचार के कारण पद्च्युत किया गया है, या 

(ग) किसी ऐसे अपराध के लिए दोषसिद्ध किया गया है जिसमें नैतिक अधमता अन्तर्वलित है, या 

(घ) किसी भी पंचायती राज संस्था का या किसी नगरपालिका का सदस्य है, या 

(ड़) आवेदन-पत्रों की प्राप्ति के लिए नियत अन्तिम दिनांक के बाद आने वाली पहली जनवरी को 18 वर्ष से कम और *[40 वर्ष] से अधिक आयु का है: 

परन्तु अंशकालिक कर्मचारियों के लिए न्यूनतम या अधिकतम आयु सीमा का निर्बधन लागू नहीं होगा ।

*[राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) नियम 2020 अधिसूचना संख्या एफ 4(2) संशोधन/ नियम/ विधि/ .रा / 2020/ 5000 दिनांक 11/09/2020 द्वारा
35 वर्ष के स्थान पर
प्रतिस्थापित, राज. राजपत्र भाग 6() दिनांक 11/09/2020 को प्रकाशित एवं प्रभावी]

(च) पंचायत राज संस्था के किसी सदस्य का पुत्र, पौत्र, सगा भाई या कोई अन्य निकट सम्बंधी है: 

परन्तु यदि कर्मचारी की नियुक्ति के पश्चात उसका कोई् सम्बंधी ऐसे सदस्य के रूप में निर्वाचित होता है तो उसे सेवोन्मुक्त नहीं किया जायेगा। 

(2) नियुक्ति के लिए निरर्हता-(क) कोई भी पुरुष अभ्यर्थी जिसके एक से अधिक जीवित पत्नियां हैं, सेवाओं में नियुक्ति के लिए तब तक पात्र नहीं होगा जब तक कि सरकार, इस बात का समाधान करने के पश्चात, कि ऐसा करने के लिए विशेष आधार है, इस नियम के प्रवर्तन से किसी भी अभ्यर्थी को छूट न दे दे। 

(ख) कोई भी महिला अभ्यर्थी जिसने किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह किया है जिसके पहले ही कोई पत्नी है, सेवा में नियुक्ति के लिए तब तक पात्र नहीं होगी जब तक कि सरकार इस बात का समाधान करने के पश्चात कि ऐसा करने के लिए विशेष आधार हैं, इस नियम के प्रवर्तन से उस महिला अभ्यर्थी को छूट न दे दे। 

*[(ग) कोई ऐसा अभ्यर्थी जिसके 1-6-2002 को या उसके पश्चात दो से अधिक संताने हो, सेवा में नियुक्ति के लिए पात्र नही होगा:  

परन्तु यह के दो से अधिक संतानो वाला अभ्यर्थी तब तक नियुक्ति के लिए निर्रहित नही समझा जायेगा जब तक उस संख्या में जो 1-6-2002 को है, बढोतरी नही होती हैः 

परन्तु यह और की जहाँ किसी अभ्यर्थी के पूर्वतर प्रसव से केवल एक संतान है, किन्तु पश्चातवर्ती किसी एकल प्रसव से एक से अधिक संताने पैदा हो जाती है, तो वहाँ संतानों की कुल गणना करते समय इस प्रकार पैदा हुई संतानों को एक इकाई समझा जायेगा।] 

 *[अधिसूचना संख्या एफ 4 ( ) .रा.वि/ विधि/
संशोधन/ 04/ 1634  दिनांक 23-06-2004 द्वारा जोड़ा गया, राज. राजपत्र भाग 4() दिनांक 25-06-2004 को प्रकाशित एवं प्रभावी]

257. सेवा
की पद
संख्या -सेवा की पद संख्या उतनी होगी जो अधिनियम की धारा 79, 80 और 83 के अधीन समय-समय पर नियत की जाये।  

258.  पदों का प्रवर्ग – (1) निम्नलिखित पद प्रवर्ग पंचायत समितियों और जिला परिषदों में रहेंगे- 

(क) राज्य सेवा पद- 

(i) मुख्य कार्यपालक अधिकारी 

(ii) विकास अधिकारी 

(iii) लेखाधिकरी 

(iv) सहायक अभियन्ता 

(v) समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पदों की श्रेणियां 

(ख) अधीनस्थ सेवा- 

(i) सहायक लेखाधिकारी 

(ii) प्रसार अधिकारी (पंचायत, शिक्षा, सहकारिता, प्रगति) 

(iii) लेखाकार/कनिष्ठ लेखाकार 

(iv) कनिष्ठ अभियन्ता 

*[(ग) पंचायत समिति और जिला परिषद् सेवा के मंत्रालयिक एवं अधीनस्थ पद- 

(i) वरिष्ठ लिपिक जिसमें वरिष्ठ लिपिक एवं स्टेनों सम्मिलित है। 

(ii) कनिष्ठ लिपिक जिसमें टंकक सम्मिलित है। 

(iii) वाहन चालक 

(iv) प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय अध्यापक (संशोधन दिनाँक 28-2-2004) 

(v) ग्राम सेवक एवं सचिव, पंचायत 

(vi) फिटर, और

(vii) हैंड पंप मिस्त्री।,]

*[राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) नियम, 2016 अधिसूचना संख्या एफ 4 (7) संशोधन/ नियम/ विधि/ प.रा./ 2014/ 397 दिनांक 08-06-2016 द्वारा प्रतिस्थापित, राज. राजपत्र भाग 4() दिनांक 08-06-2016 को प्रकाशित एवं प्रभावी]

()चतुर्थ श्रेणी सेवा पद।

*[(पदेन अधिकारी: -(i) पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी]

*[राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) नियम, 2017 अधिसूचना संख्या एफ 4 (7) संशोधन/ नियम/ विधि प.रा./ 2014/ 65 दिनांक 25 -01 – 2017 2017 द्वारा जोड़ा गया,  राज. राजपत्र भाग 4() दिनांक 25 -01 – 2017 को प्रकाशित एवं प्रभावी]

(2) पंचायत मुख्य कार्यपालक अधिकारी की पूर्व अनुज्ञा से अपनी आय से सम्पत्ति एवं पशु बाड़े आदि के प्रबन्धन के लिए संविदा के आधार पर अंशकालिक व्यक्ति तथा राज्य सरकार से प्राप्त सामान्य प्रयोजन अनुदान से पंचायत कार्यालय हेतु चतुर्थ श्रेणी सेवक नियुक्त कर सकती है।

*[(3) पंचायत मुख्य कार्यपालक अधिकारी की पूर्व अनुज्ञा से पंचायत, कार्यालय या किसी अन्य कार्य के लिए अंशकालिक या निश्चित मानदेय या अनुबंध के आधार पर किसी व्यक्ति को ग्राम पंचायत सहायक के रूप में नियुक्त कर सकती है। उसे राज्य वित्त आयोग की सिफारिश पर राज्य सरकार से इस प्रयोजन के लिए प्राप्त अनुदान से या पंचायत की अपनी आय में से भुगतान किया जाएगा।]

*[राजस्थान पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) नियम, 2016 अधिसूचना संख्या एफ 4 (7) संशोधन/ नियम/ विधि/ प.रा./ 2014/ 812 दिनांक 02 -11 – 2016 द्वारा जोड़ा गया,  राज. राजपत्र भाग 4() दिनांक 02 -11 – 2016  को प्रकाशित एवं प्रभावी]

259.भर्ती की विधियां – (1) राज्य सेवा के पद उपयुक्त सेवाओं से प्रतिनियुक्ति पर स्थानान्तरण द्वारा भरे जा सकेंगे।

(2) विकास अधिकारियों के पद राज्य सरकार द्वारा उद्देश्य से तैयार किये गये अधिनियम/ नियमों के उपयुक्त संवर्ग से भरे जायेंगे। 

(3) पंचायत प्रसार अधिकारी के पद ग्राम सेवक-एवं-सचिव, पंचायत से 100% पदोन्नति द्वारा भरे जायेंगे। 

(4) अन्य प्रसार अधिकारियों के पद क्रमश: शिक्षा, सहकारिता और सांख्यिकी विभागों से प्रतिनियुक्ति पर स्थानान्तरण द्वारा भरे जायेंगे।  ।

*[(5) राजस्थान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम, 1998 के अधीन विहित प्रक्रिया के अनुसार कनिष्ठ अभियंताओं के पद सीधी भर्ती द्वारा भरे जायेंगे।]

*[राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) नियम, 2022 अधिसूचना संख्या एफ.4(4) संशोधन/ नियम/ विधि प.रा./ 2022/101 दिनांक 08 -02 – 2022 द्वारा प्रतिस्थापित,  राज. राजपत्र भाग 4() दिनांक 09 -02 – 2022 को प्रकाशित एवं प्रभावी]

 **[(5) फिटर का पद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से प्रतिनियुक्ति पर भरा जाएगा।]

**[राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) नियम, 2006 अधिसूचना संख्या एफ.1(2) RDPR/ PHED/ नियम/ 99-2K/ 3069 दिनांक 05 -07 – 2006 द्वारा जोड़ा गया,  राज. राजपत्र भाग 4() दिनांक 05 -07 – 2006 को प्रकाशित एवं प्रभावी]

(5) हैंडपंप मिस्टी के पद पंचायत समितियों में नियमित हैंडपंप मिस्त्रियों से शासकीय आदेश क्रमांक एफ.13(147)विधि/ ग्राविपा/ हाई कोर्ट/ 94/ 3882 दिनांक 30.12.1995 के अनुसार भरे जायेंगे।]

(6) धारा 89 की उपधारा (2) के अनुसार पंचायत समिति एवं जिला परिषद सेवाओं में संवर्गित पदों की भर्ती अधिनियम की धारा 80 और 90 के प्रावधानों के अनुसार जिला स्थापना समिति के माध्यम से जिलेवार की जायेगी.

परन्तु धारा 89 (2) की उप धारा (iii) में विनिर्दिष्ट पद के चयन के लिए सूचिराज्य स्तर पर प्राधिकृत अधिकरण
द्वारा तैयार की जायेगी। 

राजस्थान  पंचायती राज (चतुर्थ संशोधननियम 2015 (जीएसआर. 95) संख्या एफ 4 (7) संशोधन /नियम / लीगल / पीआर/ 2014 /678 दिनांक 15 .10.2015  द्वारा ii अन्तस्थापितराज राजपत्र भाग 4(दिनांक15 .10.2015  को प्रकाशित एवं प्रभावी ]

*[परंतु यह और कि राज्य स्तर पर राजस्थान अधीनस्थ
लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड द्वारा ग्राम सेवक और लिपिक ग्रेड-II के पद पर चयन के लिए
सूची तैयार की जाएगी।
]

(7) चतुर्थ श्रेणी सेवा की भर्ती रोजगार कार्यालय के माध्यम से या समयसमय पर सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से की जा सकती है।

*[( 8 ) इन नियमों में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, सम्यक रूप से स्वीकृत किन्हीं पदों पर अनियमित रूप से नियुक्त और 10.04.2006 को किसी न्यायालय या अधिकरण के हस्तक्षेप के बिना, दस वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके और राजस्थान पंचायती राज (चतुर्थ संशोधन) नियम, 2013 के प्रारम्भ की तारीख को इस रूप में लगातार कार्य कर रहे व्यक्ति संबंधित जिला परिषदों की जिला स्थापन समिति द्वारा छांटे जायेंगे परन्तु यह कि उनकी प्रारम्भिक अनियमित नियुक्ति की तारीख पर नियमानुसार वे नियुक्ति के लिए पात्र थे और छंटनी के समय रिक्ति उपलब्ध है। नियुक्ति प्राधिकारी उस व्यक्ति के नियुक्ति आदेश जारी करेगा जो छंटनी समिति द्वारा उपयुक्त न्यायनिर्णित किया गया है और नियुक्ति ऐसे नियुक्ति आदेश के जारी होने की तारीख से प्रभावी होगी।]

*[(8) ग्राम पंचायत सहायक के पद के लिए चयन अंशकालिक या निश्चित मानदेय पर या अनुबंध के आधार पर [***] राज्य सरकार द्वारा समयसमय पर निर्धारित तरीके से किया जाएगा।]

*[(9) स्कूल शिक्षा विभाग के किसी भी अधिकारी को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी घोषित किया जाएगा।]

260. पंचायत समिति और जिला परिषद सेवाओं के लिए भर्ती के स्रोतरिक्तियों को भरा जाएगा: –

()प्रत्येक श्रेणी के निम्नतम ग्रेड में सीधी भर्ती द्वारा,

()एक ही श्रेणी में निम्न से उच्च ग्रेड में पदोन्नति द्वारा,

() पंचायत समिति/जिला परिषद् या सरकार के अधीन तदनुरूपी पद धारण करने वाले व्यक्तियों के स्थानान्तरण द्वारा :

*[() राज्य सरकार के,और राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित स्थानीय निकायों, पंचायती राज संस्थाओं, निगमों या बोर्डों के ऐसे कर्मचारियों के आमेलन द्वारा जिनको पदों के कम/ समाप्त करने के कारण अधिशेष घोषित किया गया हो।]

बशर्ते कि भारत में कानून द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय के कला, विज्ञान, कृषि या वाणिज्य में डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों में से उच्च श्रेणी लिपिक की श्रेणी में रिक्तियों को सीधी भर्ती द्वारा भरा जा सकता है, यदि सेवा का कोई सदस्य पात्र नहीं पाया जाता है। ऐसी रिक्तियों को भरने के लिए पदोन्नति के लिए और ऐसी रिक्तियों को इन नियमों के अनुसार स्थानान्तरण द्वारा भरना संभव नहीं होगा।

261. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए रिक्तियों का आरक्षण 1) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए रिक्तियों का आरक्षण क्रमश: 16 प्रतिशत एवं 12 प्रतिशत या भर्ती अर्थात सीधी भर्ती द्वारा और पदोन्नति द्वारा भर्ती के समय ऐसे आरक्षण के लिए प्रस्तुत सरकारी आदेशों के अनुसार होगा। 

(2) पदोन्नति के लिए ऐसी आरक्षित रिक्तियां वरिष्ठता एवं योग्यता द्वारा भरी जावेगी। 

(3) ऐसी आरक्षित रिक्तियों को भरने में, ऐसे पात्र अभ्यर्थियों पर, जो अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्य है, नियुक्ति के लिए उसी क्रम में विचार किया जावेगा जिस क्रम में उनके नाम सीधी भर्ती के लिए या पदोन्नति के लिये समिति द्वारा तैयार की गई सूची में आये है, भले ही अन्य अभ्यर्थियों की तुलना में उनकी आपेक्षित रैंक कुछ भी क्यों न हो। 

(4) नियुक्ति सर्वथा सीधी और पदोन्नति के लिए अलग-अलग विहित रोस्टरों के अनुसार की जावेगी। किसी वर्ष विशेष  में अनुसूचित जाति या, यथास्थिति, अनुसूचित जनजाति में पात्र और उपयुक्त अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता की दशा में उनके लिए ऐसी आरक्षित रिक्तियां सामान्य प्रक्रिया के अनुसार भरी जावेगी और पश्चत्वर्ती वर्ष में समतुल्य संख्या में अतिरिक्त रिक्तियां आरक्षित रखी जायेगी। ऐसी रिक्तियां जो इस प्रकार बिना भरी रह जायें पश्चत्वर्ती कुल तीन भर्ती वर्षो तक अग्रणीत की जावेगी और तत्पश्चत् ऐसा  आरक्षण व्ययगत हो जायेगा। 

(5) अन्य पिछड़ी जाति के लिये रिक्तियों का 21 प्रतिशत पद आरक्षित होगा अथवा सीधी भर्ती लागू राज्य सरकार के आरक्षण सम्बन्धी आदेशों के अनुरूप होंगे। किसी वर्ष विशेष में अन्य पिछड़ी जाति में योग्य एवं उपुक्त प्रत्याशी उपलब्ध ना होने के स्थिति में ऐसी आरक्षित रिक्तियाँ सामान्य प्रक्रिया अनुसार भरी जावेगी। 

262. अन्य प्रवर्गो के लिए रिक्तियों का आरक्षण – (1) इन नियमों में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने वाले पदों का कतिपय प्रतिशत राज्य सरकार के नियमों के अनसु ार विकलांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित किया जावेगा और वे राजस्थान शारीरिक रूप से निशक्त व्यक्तियों को नियोजन नियम 2000 प्रभावी दिनॉक 23-6-2004 नियम, 1976 के उपबन्धों के अनुसार भरे जायेंगे। 

(2) रिक्तियों के आरक्षण के संबंध में वे अन्य उपबन्ध भी लागू होंगे जो राज्य सरकार में समय-समय पर विद्यमान हों। 

263. रिक्तियों का अवधारण – इन नियमों के उपबन्धों और सरकार के निर्देशों, यदि कोई हों, के अध्यधीन रहते हुए, पंचायत समिति या जिला परिषद् आगामी छः मास की कालावधि के दौरान प्रत्येक प्रवर्ग के अधीन प्रत्याशित रिक्तियों की संख्या और प्रत्येक रीति द्वारा भर्ती किये जाने के लिए सम्भाव्य व्यक्तियों की संख्या प्रत्येक वर्ष में दो बार अर्थात् 1 जनवरी और 1 जुलाई को अवधारित करेगी और समिति को सूचित करेगी  :

* [परन्तु यह और कि ग्राम सेवकऔर लिपिक ग्रेड – II के पद पर इस प्रकार अवधारित रिक्तियों की सूचना आयुक्त, पंचायती राज, राजस्थान को दी जायेगी।]

*[परन्तु
धारा 89 की उपधारा (2) के खंड (iii) में विनिर्दिष्ट पद पर अवधारित रिक्तियों की सूचना निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा, राजस्थान को प्रज्ञापित किया जायेगा।
 ]

*[ राजस्थान पंचायती
राज (चतुर्थ
संशोधन) नियम
2015 (
जी. एस. आर. 95) संख्या एफ 4 (7) संशोधन /नियम / लीगल
/
पीआर/ 2014 /678 दिनांक 15 .10.2015  द्वारा
ii
अन्त:
स्थापित, राज राजपत्र भाग 4() दिनांक 15 .10.2015  को प्रकाशित एवं प्रभावी ]

264. राष्ट्रीयता – सेवा में नियुक्ति के लिए उम्मीदवार को भारत का वास्तविक नागरिक होना चाहिए।

265. आयु – सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी को आवेदन प्राप्ति की नियत तारीख के पश्चत् आने वाली जनवरी के प्रथम दिन को अठारह वर्ष की आयु प्राप्त किया हुआ होना चाहिए और *[चालीस वर्ष] की आयु प्राप्त किया हुआ नहीं होना चाहिएः परन्तु- 

*[“(i) ऊपर उल्लिखित ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाएगी,  – 

()अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़े वर्गों, अधिक पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के पुरुष उम्मीदवारों के मामले में 5 वर्ष;

()सामान्य श्रेणी से संबंधित महिला उम्मीदवारों के मामले में 5 वर्ष; और

()अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अधिक पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित महिला उम्मीदवारों के मामले में 10 साल।]

*[No. F4(2) AM/नियम/कानूनी/PR/2020/490]

(ii) भूतपूर्व सैनिकों के लिए अधिकतम आयु सीमा पचास वर्ष होगी,

(iii) पंचायतों के सचिवों के रूप में पहले से कार्यरत व्यक्तियों के लिए ऊपरी आयु सीमा में पंचायत सचिव के रूप में प्रदान की गई सेवा की अवधि तक अधिकतम तीन वर्ष की सीमा के अधीन छूट दी जाएगी,

(iv) विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं के मामले में कोई आयु सीमा नहीं होगी,

व्याख्या –   विधवा होने की स्थिति में उसे अपने पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र सक्षम प्राधिकारी से तथा तलाकशुदा होने की स्थिति में तलाक का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा,

(v) पंचायत समिति या जिला परिषद् के अधीन उनकी अस्थायी नियुक्ति पर निर्धारित आयु सीमा के भीतर रहने वाले व्यक्तियों के लिए ऊपरी आयु सीमा में उनके द्वारा पंचायत समिति या जिला परिषद् के अधीन की गई सेवा की अवधि तक छूट दी जाएगी,

(vi) ऊपर उल्लिखित ऊपरी आयु सीमा ऐसे भूतपूर्व कैदी के मामले में लागू होगी, जिसने अपनी दोषसिद्धि से पूर्व पंचायत समितियों और जिला परिषदों के अधीन मौलिक आधार पर किसी पद पर सेवा की हो और इन नियमों के अधीन नियुक्ति का पात्र हो,

(vii) किसी पूर्व कैदी के मामले में, जो अपनी सजा से पहले अधिक उम्र का नहीं था और इन नियमों के तहत नियुक्ति के लिए पात्र था, ऊपर उल्लिखित ऊपरी आयु सीमा में कारावास की अवधि के बराबर की अवधि में छूट दी जाएगी।

*[(viii) 1.1.1999 के बाद ऊपरी आयु सीमा पार करने वाला उम्मीदवार 23.5.2007 तक सरकारी सेवा में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय शिक्षक [सामान्य शिक्षा / विशेष शिक्षा] के रूप में भर्ती के लिए पात्र होगा।]

*[(ix) नियम 259 के उपनियम (5 – बी) के तहत हैंडपंप मिस्त्री के रूप में नियुक्त व्यक्तियों के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं होगी, बशर्ते ऐसे व्यक्ति अधिवर्षिता की आयु प्राप्त करें।]

*[(एक्स) यदि कोई उम्मीदवार किसी भी वर्ष में सीधी भर्ती के लिए अपनी आयु के संबंध में हकदार होता है, जिसमें ऐसी कोई भर्ती नहीं हुई है, तो उसे अगली भर्ती में पात्र माना जाएगा, यदि वह / वह 3 वर्ष से अधिक आयु का नहीं है।]

*[(ix) कनिष्ठ तकनीकी सहायक, कनिष्ठ अभियंता, ग्राम रोजगार सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर के रूप में ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की किसी भी योजना के तहत लगातार अनुबंध के आधार पर काम करने वाले व्यक्ति के लिए ऊपर उल्लिखित ऊपरी आयु सीमा मशीन के साथ ऑपरेटर (प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से लगे हुए को छोड़कर) एलडीसी, लेखा सहायक, समन्वयक आईईसी, समन्वयक प्रशिक्षण, समन्वयक पर्यवेक्षण या किसी भी पद पर, उनके द्वारा प्रदान की गई सेवा के बराबर अवधि तक अधिकतम 5 वर्ष के अधीन छूट दी जाएगी।]

266. शैक्षणिक योग्यता –  एक भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता निम्नानुसार होनी चाहिए:  –

*[(1) एलडीसी (95% सीधी भर्ती द्वारा और 05% पदोन्नति द्वारा) – ( .) सीधी भर्ती के लिए,

(i) किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या इसके समकक्ष परीक्षा से वरिष्ठ माध्यमिक,तथा इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, भारत सरकार के नियंत्रण में डीओईएसीसी द्वारा संचालितया उच्च स्तर का सर्टिफिकेट कोर्स। या

कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामिंग सहायक (सीओपीए) / डेटा तैयारी और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर (डीपीसीएस) प्रमाण पत्र राष्ट्रीय / राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण योजना परिषद के तहत आयोजित किया गया। या

भारत में कानून द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर साइंस / कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा। या

सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एक पॉलिटेक्निक संस्थान से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में डिप्लोमा। या

राजस्थान नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के नियंत्रण में वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी, कोटा द्वारा संचालित सूचना प्रौद्योगिकी (RSCIT) में सर्टिफिकेट कोर्स।

(ख पदोन्नति हेतु किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से माध्यमिकतथा चतुर्थ श्रेणी के पद पर पांच वर्ष का अनुभव।]

*[(2)  ग्राम सेवक  – सहसचिव (सीधी भर्ती द्वारा 100%)   (i) सरकार द्वारा स्नातक या उसके समकक्ष घोषित योग्यता तथा

इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, भारत सरकार के नियंत्रण में डीओईएसीसी द्वारा संचालितया उच्च स्तर का सर्टिफिकेट कोर्स या

कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामिंग सहायक (COPA) / डेटा तैयारी और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर (DPCS) प्रमाण पत्र राष्ट्रीय / राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद योजना के तहत आयोजित किया गया या

भारत में कानून द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर साइंस / कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा या

सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एक पॉलिटेक्निक संस्थान से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या

राजस्थान नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के नियंत्रण में वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी, कोटा द्वारा संचालित सूचना प्रौद्योगिकी (RSCTT) में सर्टिफिकेट कोर्स।]

*[(3) प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय शिक्षक (100 प्रतिशत सीधी भर्ती द्वारा) (सामान्य शिक्षा स्तर
(i)
कक्षा I से V स्तरनिःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (2009 का केंद्रीय अधिनियम संख्या 35) की धारा 23 की उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत  राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा समय – समय पर निर्धारित योग्यताएं और आरईईटी / आरटीईटी उत्तीर्ण होना चाहिए। 

(ii)कक्षा VI से VIII – निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (2009 का केंद्रीय अधिनियम संख्या 35) की धारा 23 की उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत समयसमय पर राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित योग्यताएं , और

(i) सामाजिक अध्ययन के शिक्षक के लिए, उम्मीदवार को इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, लोक प्रशासन, दर्शनशास्त्र, लेखा, में से वैकल्पिक विषय के रूप में कम से कम एक विषय के साथ स्नातक या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। आर्थिक और वित्तीय प्रबंधन और बैंकिंग और व्यवसाय अर्थशास्त्र;

(ii) विज्ञान और गणित के शिक्षक के लिए, उम्मीदवार को रसायन विज्ञान, भौतिकी, वनस्पति विज्ञान, जूलॉजी, सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, जैव रसायन और गणित में से वैकल्पिक विषय के रूप में कम से कम एक विषय के साथ स्नातक या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।;

(iii) भाषा के शिक्षक के लिए, उम्मीदवार को वैकल्पिक विषय के रूप में संबंधित भाषा के साथ स्नातक या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए;

(iv) प्रारंभिक शिक्षा में स्नातक (बी.एल.एड.) या बीएबीएड./बी.एससी. बी.एड., यानी चार साल के एकीकृत पाठ्यक्रम की योग्यता वाले उम्मीदवार को भी संबंधित विषय के साथ योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए; और

(v) आवेदन करने वाले विषय में REET/RTET पास होना चाहिए। 

() विशेष  शिक्षा स्तर –  (i) कक्षा I से V स्तर – निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (2009 का केंद्रीय अधिनियम संख्या 35) की धारा 23 की उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत समयसमय पर राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित योग्यता और REET/RTET पास होना चाहिए। 

 स्तर –(ii)कक्षा VI से VIII – निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (2009 का केंद्रीय अधिनियम संख्या 35) की धारा 23 की उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत समयसमय पर राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित योग्यताएं ; और

(i) सामाजिक अध्ययन के शिक्षक के लिए, उम्मीदवार को इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, लोक प्रशासन, दर्शनशास्त्र, लेखाशास्त्र, आर्थिक में से वैकल्पिक विषय के रूप में कम से कम एक विषय के साथ स्नातक या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। और वित्तीय प्रबंधन और बैंकिंग और व्यवसाय अर्थशास्त्र;

(ii) विज्ञान और गणित के शिक्षक के लिए, उम्मीदवार को रसायन विज्ञान, भौतिकी, वनस्पति विज्ञान, जूलॉजी, सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, जैव रसायन और गणित में से वैकल्पिक विषय के रूप में कम से कम एक विषय के साथ स्नातक या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।

(iii) भाषा के शिक्षक के लिए, उम्मीदवार को वैकल्पिक विषय के रूप में संबंधित भाषा के साथ स्नातक या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए;

(iv) प्रारंभिक शिक्षा में स्नातक (बी.एल.एड.) या बीए बीएड./बी.एससी. बी.एड., यानी चार साल के एकीकृत पाठ्यक्रम की योग्यता वाले उम्मीदवार को भी संबंधित विषय के साथ योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए; और 

(v) आवेदन करने वाले विषय में REET/RTET पास होना चाहिए

[बशर्ते कि वह व्यक्ति जो B.Ed/BSTC/DSE/B.Ed. (विशेष शिक्षा) परीक्षा, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों (सामान्य शिक्षा/विशेष शिक्षा) के पद हेतु आवेदन करने के पात्र होंगे, परन्तु उन्हें उक्त शैक्षिक योग्यता प्राप्त करने का प्रमाण प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम की घोषणा।][जिला स्थापना समिति] के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। 

बशर्ते कि वह व्यक्ति जो सीधी भर्ती के लिए उपरोक्त खंड (1) और (2) में निर्दिष्ट पदों के लिए अपेक्षित शैक्षिक योग्यता वाले पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष की परीक्षा में शामिल हुआ है या हो रहा है, आवेदन करने के लिए पात्र होगा। उक्त पदों के लिए, लेकिन उन्हें उपयुक्त चयन एजेंसी को अपेक्षित शैक्षिक योग्यता प्राप्त करने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा,  –  

(1) मुख्य परीक्षा में उपस्थित होने से पहले, जहां चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के दो चरणों के माध्यम से किया जाता है

(2) ) साक्षात्कार में उपस्थित होने से पहले जहां लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से चयन किया जाता है

(3) लिखित परीक्षा या साक्षात्कार में उपस्थित होने से पहले जहां चयन केवल लिखित परीक्षा या केवल साक्षात्कार के माध्यम से किया जाता है, जैसा भी मामला हो।

[सं. F4(2) AM/नियम/कानूनी/PR/2020/83]

*[(3) हैण्डपम्प मिस्त्री- 5वी कक्षा उत्तीर्ण और ट्राइसेम प्रोग्राम के तहत 3 महीने का प्रशिक्षण। या फ्री लांस हैंडपंप मरम्मतहैंडपंप की मरम्मत में दो साल का अनुभव।]

(4) चालक (90% प्रत्यक्ष 10% पदोन्नति द्वारा) – आठवीं कक्षा पास ड्राइविंग लाइसेंस और ड्राइविंग लाइट / भारी मोटर वाहन का 3 साल का अनुभव।

[(5) चतुर्थ श्रेणी (सीधी भर्ती द्वारा 100%) – 5वी कक्षा पास]

[बशर्ते कि वह व्यक्ति जो सीधी भर्ती के लिए उपरोक्त खंड (1) और (2) में निर्दिष्ट पदों के लिए अपेक्षित शैक्षिक योग्यता वाले पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष की परीक्षा में शामिल हुआ है या हो रहा हैआवेदन करने के लिए पात्र होगा।उक्त पदों के लिएलेकिन उन्हें उपयुक्त चयन एजेंसी को अपेक्षित शैक्षिक योग्यता प्राप्त करने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा,  –  

(1) मुख्य परीक्षा में उपस्थित होने से पहलेजहां चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के दो चरणों के माध्यम से किया जाता है

(2) ) साक्षात्कार में उपस्थित होने से पहले जहां लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से चयन किया जाता है; (3) लिखित परीक्षा या साक्षात्कार में उपस्थित होने से पहले जहां चयन केवल लिखित परीक्षा या केवल साक्षात्कार के माध्यम से किया जाता हैजैसा भी मामला हो।“]

[266 इन नियमों में निहित किसी बात के होते हुए भी विधवा/तलाकशुदा महिला, जिन्हें बीएसटीसी/बी.एड. नियम 266 के तत्कालीन परंतुक के तहत उन्हें अपेक्षित शैक्षिक योग्यता प्राप्त करने की तारीख से नियमित किया जाएगा।]

 267. चरित्र – सेवा में सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी को विश्वविद्यालय, महाविद्यालय संस्था के, जिसमें उसने अन्तिम वार शिक्षा प्राप्त की थी, प्रधान शैक्षणिक अधिकारी से सच्चरित्र प्रमाणपत्र और उसके विश्वविद्यालय,
महाविद्यालय, विद्यालय या संस्था से असम्बद्ध और ऐसे दो उत्तरदायी व्यक्तियों से, जो उसके सम्बन्धी न हो, आवेदन की तारीख से छह से अनधिक मास पूर्व लिखे गये दो ऐसे प्रमाणपत्र समिति को प्रस्तुत किये जाने चाहिये।

नोट-किसी न्यायालय के द्वारा की गई किसी दोषसिद्धि मात्र के कारण अच्छे चरित्र प्रमाणपत्र देने से इन्कार नहीं किया जायेगा। दोषसिद्धि की परिस्थितियां पर विचार किया जाना चाहिए और यदि उनमें कोई नैतिक अधमता या हिसा के अपराधों के साथ या किसी ऐसे आन्दोलन के साथ जिसका उद्देष्य विधि द्वारा स्थापित सरकार को हिंसात्मक उपयों से उलटना है, सहबद्धता अन्वलिर्त न हो तो मात्र दोषसिद्धि को निरर्हता नहीं समझा जाना चाहिए। 

268. शारीरिक फिटनेस
सेवा
में सीधी भर्ती के लिए एक उम्मीदवार का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए और सेवा के एक सदस्य के रूप में अपने कर्तव्यों के कुशल प्रदर्शन में बाधा डालने की संभावना वाले किसी भी शारीरिक दोष से मुक्त होना चाहिए, और नियुक्ति के लिए चुने जाने पर उसे चिकित्सा अधिकारी से इस आशय का प्रमाण पत्र पेश करना होगा।

269. संयाचना – भर्ती के लिए नियमों के अधीन अपेक्षित से भिन्न किसी भी लिखित या मौखिक सिफारिश पर विचार नहीं किया जायेगा। किसी अभ्यर्थी की ओर से अपनी अभ्यर्थिता के लिए ऐसे प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः समर्थन हेतु संयाचना का कोई भी प्रयत्न करने पर उसे भर्ती के लिए निरर्हित किया जा सकेगा।

सीधी भर्ती के लिए प्रक्रिया

270. आवेदन आमंत्रित करना –   सेवा में सीधी भर्ती हेतु जिला परिषद समिति द्वारा जिला स्थापना समिति को किये गये अध्यपेक्षा पर समिति द्वारा व्यापक प्रसार वाले दैनिक समाचार पत्र में खुले विज्ञापन के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किये जायेंगे.

271. आवेदन पत्र
आवेदन
समिति द्वारा निर्धारित प्रारूप में किया जायेगा तथा पोस्टल आर्डर या डिमांड ड्राफ्ट के रूप में निर्धारित आवेदन शुल्क के साथ विधिवत भरे गये आवेदन पत्र पर विचार किया जायेगा।

272. आवेदनों की संवीक्षा – समिति उसके द्वारा प्राप्त किए गए आवेदनों की संवीक्षा करेगी और इन नियमों के अधीन नियुक्ति के लिए योग्य अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा/साक्षात्कार के लिये बुला सकेगी। 

*[273 * * *]

274. समिति द्वारा योग्यता सूची तैयार करना(1) समिति *[ग्राम
सेवक, प्राथमिक
और उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक और क्लर्क ग्रेड –  II, जिले में]  के पद को छोड़कर [प्रत्येक ग्रेड या पदों की श्रेणी] पर नियुक्ति के लिए उपयुक्त माने जाने वाले उम्मीदवारों की योग्यता सूची तैयार करेगी और पंचायती समितियों या जिला परिषदों से मांग प्राप्त होने पर सूची में से उम्मीदवारों को सूची में उनके नाम आने के क्रम में आवंटित करेंगे:  

परन्तु 

(i)समिति द्वारा तैयार की गयी योग्यता सूची में अभ्यर्थियों की संख्या, ऐसी योग्यता सूची को तैयार करने के समय वास्तविक रूप में उपलब्ध रिक्त पदों की संख्य के डेढ़ गुने से अधिक नहीं होगी, एवं 

(ii)इस प्रकार तैयार की गयी अभ्यर्थियों की योग्यता सूची सामान्य रूप से एक वर्ष की अवधि तक तथा अध्यापकांे के लिए शैक्षिक सत्र की समाप्ति तक वैध रहेगी। उस अवधि की समाप्ति के बाद, इसे व्ययगत (लैप्स) हुआ समझा जायेगा। 

(2) पंचायत समिति एवं जिला परिषदें समिति को अपनी अधियाचना भेजते समय नियम 261 की अपेक्षाओं को ध्यान में रखेंगी। 

275. राज्य सरकार द्वारा आवंटन – राज्य सरकार ऐसे जिले की सूची में से जहाँ अन्य जिले में कोई रिक्त पद नहीं है, योग्यता क्रम में अभ्यर्थियों को वह स्थान अलाट करेगी जहॉँ नियुक्ति के लिए रिक्त पद होंगे, परन्तु यह कि उस बाद वाले जिले की योग्यता सूची में अभ्यर्थी उपलब्ध न हों। 

276. पंचायत समिति या जिला परिषद द्वारा नियुक्ति – पंचायत समिति या जिला परिषद समिति द्वारा आवंटित किए अभ्यर्थियेां को उसी क्रम में नियुक्त करेगी जिसमें उनके नाम समिति द्वारा भेजे गए है। 

277. मृतक कर्मचारी के परिवार के सदस्य की नियुक्ति – (1) पंचायत समिति/जिला परिषद सेवा के मृतक कर्मचारी के मामले में, उसके परिवार के एक ऐसे सदस्य को, जो पहले से ही पंचायत समिति/जिला परिषद /भारत/राज्य सरकार या भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा स्वामित्व प्राप्त या नियन्त्रित किसी सांविधिक निकाय/संगठन/निगम में पहले से नियुक्त नहीं है, तत्प्रयोजनार्थ आवेदन करने पर, सामान्य भर्ती नियमों को शिथिल करते हुए, विद्यमान रिक्त पद के विरू) ही यथाशक्य  जितना व्यवहार्य हो सकेगा उतनी ही जल्दी, सेवा में उपयुक्त रूप से नियुक्ति दी जायेगी, बशर्ते कि वह सदस्य उस पद के लिए विहित शैक्षणिक अर्हताओं को पूरी करता हो तथा अन्यथा प्रकार से भी उस सेवा के लिए अर्हता प्राप्त (योग्य) हो। यदि कोई्र रिक्त पद उपलब्ध न हो या यदि परिवार का सदस्य अनर्ह (अयोग्य) या अवयस्क हो तथा तुरन्त नियुक्ति के लिए उसे उपयुक्त या पात्र नहीं पाया गया हो, तब उस मामले पर पद उपलब्ध होने पर या इन नियमों के अन्तर्गत ऐसी नियुक्ति के लिए उनमें से किसी एक के अर्ह (योग्य) या पात्र हो जाने पर, तुरन्त नियुक्ति देने के लिए विचार किया जायेगा। 

(2) इस सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा बनाए गए तथा समय-समय पर यथा संशोधित किए गए नियम ऐसे कर्मचारियों पर भी लागू होंगे।  

*[ “277. प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक के पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया एवं पद्धति –  इन नियमों में निहित किसी बात के होते हुए भी, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक के पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया निम्नलिखित तरीके से की जायेगी, अर्थात्: –  (i) प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक के पदों को सीधी भर्ती द्वारा प्राधिकृत अभिकरण द्वारा आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से भरा जायेगा;

(ii) प्रारंभिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक के पदों पर सीधी भर्ती हेतु प्रतियोगिता परीक्षा का पाठ्यक्रम ऐसा होगा, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा समयसमय पर अवधारित किया जाये;

(iii) प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक के पदों पर सीधी भर्ती के लिए भरे जाने वाले आवेदन प्राधिकृत अभिकरण द्वारा पदों का विज्ञापित करते हुए ऐसी रीति से, जैसा वह उचित समझे, आमंत्रित किया जाएगा और ऐसे रूप में किया जाएगा जैसा वह उचित समझे। मंजूर। उम्मीदवारों को आवेदन पत्र में अपनी वरीयता के क्रम में जिलों के नामों का उल्लेख करना होगा जिसमें वे सेवा करना चाहते हैं; (iv) इन नियमों के प्रावधानों के अधीन, विज्ञापन में, अन्य बातों के साथसाथ, शामिल होगा, –

()एक खंड है कि कोई भी उम्मीदवार जो उसे पेश किए जा रहे पद पर असाइनमेंट स्वीकार करता है, उसे परिवीक्षा की अवधि के दौरान, राज्य सरकार द्वारा समयसमय पर निर्धारित दर पर मासिक निश्चित पारिश्रमिक और वेतनमान का भुगतान किया जाएगा। पद का भुगतान जैसा कि अन्यत्र दिखाया गया है –  जहां विज्ञापन में परिवीक्षा की अवधि के सफल समापन की तिथि से ही अनुमति दी जाएगी;

()ऐसी परीक्षा के परिणाम के रूप में भरे जाने वाले पदों की संख्या, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सहरिया, पिछड़ा वर्ग, अधिक पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिला उम्मीदवारों के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित पदों की संख्या को अलग से इंगित करते हुए, बेंचमार्क विकलांग व्यक्ति, खेल व्यक्ति और भूतपूर्व सैनिक, यदि कोई हो और राज्य सरकार द्वारा समयसमय पर अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्र और किसी अन्य श्रेणी के लिए पदों की संख्या;

()आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि;

(v) विज्ञापन के अलावा, अधिकृत एजेंसी उम्मीदवारों के मार्गदर्शन के लिए ऐसे अन्य निर्देश जारी कर सकती है, जो अधिकृत एजेंसी उचित समझे;

(vi) सेवा में पद पर सीधी भर्ती के लिए एक उम्मीदवार प्राधिकृत एजेंसी को समयसमय पर निर्धारित शुल्क का भुगतान करेगा और इस तरह से, जैसा कि इसके द्वारा इंगित किया जा सकता है;

(vii) शुल्क की वापसी के लिए किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा और ही शुल्क को किसी अन्य भर्ती के लिए आरक्षित रखा जाएगा, जब तक कि प्राधिकृत एजेंसी द्वारा अधियाचना वापस लेने या किसी अन्य कारण से विज्ञापन रद्द कर दिया जाता है, उस मामले में राशि वापस किया जाएगा: बशर्ते कि प्राधिकृत एजेंसी द्वारा विज्ञापन रद्द करने की तारीख से एक महीने की अवधि के बाद फीस की वापसी के लिए कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा;

(viii) ऐसे आवेदन जो अपूर्ण पाए जाते हैं या जो प्राधिकृत एजेंसी द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार नहीं भरे गए हैं, उनके द्वारा प्रारंभिक चरण में ही खारिज कर दिए जाएंगे। प्राधिकृत अभिकरण उन बचे हुए अभ्यर्थियों को अनंतिम रूप से प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति देगा जिन्हें वे प्रवेश पत्र प्रदान करना उचित समझें। किसी भी अभ्यर्थी को प्रतियोगी परीक्षा में तब तक प्रवेश नहीं दिया जाएगा जब तक कि उसके पास प्रतियोगी परीक्षा में उपस्थित होने से पूर्व प्राधिकृत एजेंसी द्वारा दिए गए उस परीक्षा में प्रवेश पत्र हो, यह अभ्यर्थी द्वारा स्वयं सुनिश्चित किया जाएगा कि वह सभी इन नियमों में प्रदान की गई आयु, शैक्षिक और व्यावसायिक योग्यता के संबंध में शर्तों सहित पात्रता मानदंड। परीक्षा देने की अनुमति दिए जाने से उम्मीदवार पात्रता की उपधारणा का हकदार नहीं होगा। प्राधिकृत एजेंसी बाद में केवल ऐसे उम्मीदवारों के आवेदनों की जांच करेगी जो प्रतियोगी परीक्षा में योग्य हैं;

(ix) प्रतियोगी परीक्षा में प्रवेश और उम्मीदवार की पात्रता के संबंध में प्राधिकृत एजेंसी का निर्णय अंतिम होगा;

(x) प्राधिकृत अभिकरण प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के पदों हेतु आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर सफल घोषित अभ्यर्थियों की श्रेणीवार योग्यता सूची तैयार करेगा: परन्तु प्राधिकृत अभिकरण, अंतिम रूप से सूचित रिक्तियों के 50% की सीमा तक, उपयुक्त उम्मीदवारों के नाम आरक्षित सूची में रखें। प्राधिकृत एजेंसी मांग करने पर योग्यता के क्रम में ऐसे उम्मीदवारों के नामों की अनुशंसा प्राधिकृत एजेंसी द्वारा मूल सूची अग्रेषित किए जाने की तारीख से छह महीने के भीतर निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा को कर सकती है। परन्तु यह और कि प्राधिकृत अभिकरण सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सहरिया, पिछड़ा वर्ग, अधिक पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिला अभ्यर्थी, व्यक्ति के अभ्यर्थियों की पृथक सूची तैयार करेगा। राज्य सरकार द्वारा समयसमय पर अधिसूचित बेंचमार्क विकलांगता, खेल व्यक्तियों, पूर्व सैनिकों और अन्य श्रेणियों के साथ, यदि कोई हो;

(xi) प्राधिकृत अभिकरण खण्ड (x) के अधीन तैयार की गई सूचियों को निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर को प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति हेतु भेजेगा;

(xii) चयनित अभ्यार्थियों को जिले आवंटित करते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, राजस्थान द्वारा इन नियमों के अधीन मेरिट के क्रम में उनकी वरीयता के क्रम में नियुक्ति/तैनाती की जिलावार सूचना सम्बन्धित जिला परिषदों को उपलब्ध करायी जायेगी। शासन द्वारा निर्धारित रीति के अनुसार जनपदों हेतु विज्ञापित पदवार श्रेणीवार पदों के अनुसार; तथा

(xiii) इन नियमों के अधीन संबंधित जिले की जिला स्थापना समिति द्वारा अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जायेगी।]

[277(). ग्राम
सेवकऔर
क्लर्क ग्रेड –  II के पद के लिए सीधी भर्ती की प्रक्रिया और पद्धति –   इन नियमों में किसी बात के होते हुए भी, ग्राम सेवकएवं लिपिक ग्रेड – II के पद पर सीधी भर्ती निम्नलिखित रीति से की जायेगी, अर्थात्: –

(i) ग्राम सेवकएवं लिपिक ग्रेड – II के पदों को सीधी भर्ती द्वारा राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा, चयन बोर्ड द्वारा इन नियमों के अनुसार संचालित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से भरा जायेगा;

(ii) ग्राम सेवकएवं लिपिक ग्रेड – II के पदों पर सीधी भर्ती हेतु प्रतियोगी परीक्षा का पाठ्यक्रम राज्य सरकार द्वारा समयसमय पर निर्धारित किया जायेगा;

(iii) राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड द्वारा पदों का विज्ञापन ऐसी रीति से, जैसा वे उचित समझें, आवेदन आमंत्रित किया जायेगा और ऐसे प्रारूप में किया जायेगा जैसा कि वे स्वीकृत करें। उम्मीदवारों को आवेदन पत्र में अपनी वरीयता के क्रम में उन सभी 33 जिलों के नाम बताने होंगे, जिनमें वे सेवा करना चाहते हैं;

(iv) इन नियमों के प्रावधानों के अधीन विज्ञापन में अन्य बातों के साथसाथ निम्नलिखित शामिल होंगे

(ऐसी परीक्षा के परिणाम के रूप में भरे जाने वाले पदों की संख्या, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, विशेष पिछड़ा वर्ग, महिला, विकलांग व्यक्तियों और खेल व्यक्तियों के उम्मीदवारों के लिए अलग से आरक्षित पदों की संख्या का संकेत, यदि कोई हो, और अनुसूचित क्षेत्र के पद;

(प्रवेश के लिए आवेदन जमा करने की तारीख;

(परीक्षा में प्रवेश के लिए आवश्यक योग्यता और उम्मीदवारों द्वारा अपनी क्षमता स्थापित करने के लिए उठाए जाने वाले कदम;

(विज्ञापन में एक खंड शामिल होगा कि एक उम्मीदवार जो उसे पेश किए जाने वाले पद पर असाइनमेंट स्वीकार करता है, उसे परिवीक्षा की अवधि के दौरान समयसमय पर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दर पर मासिक निश्चित पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। और पद का वेतनमान, जैसा कि विज्ञापन में कहीं दिखाया गया है, केवल परिवीक्षा की अवधि के सफलतापूर्वक पूरा होने की तारीख से ही स्वीकृत किया जाएगा; तथा

(v) विज्ञापन के अतिरिक्त, राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड इस तरह के अन्य तरीके से जारी कर सकता है, जैसा कि राजस्थान अधीनस्थ और लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड उपयुक्त समझे, उम्मीदवारों के दिशानिर्देशों के लिए ऐसे अन्य निर्देश;

(vi) सेवा में पद पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड को ऐसे शुल्क का भुगतान करेगा जो उनके द्वारा समयसमय पर निर्धारित किया जाता है, ऐसी रीति में, जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है;

(vii) शुल्क की वापसी के लिए किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा और ही शुल्क को किसी अन्य परीक्षा के लिए रिजर्व में रखा जाएगा, जब तक कि राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड द्वारा विज्ञापन को आयुक्त द्वारा मांग वापस लेने के कारण रद्द कर दिया जाता है। पंचायती राज या किसी अन्य कारण से जिस स्थिति में राशि वापस की जाएगी:

बशर्ते कि उम्मीदवार को राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड द्वारा वापसी पत्र जारी करने की तिथि से एक महीने की अवधि के बाद शुल्क वापसी के लिए कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा;

(viii) जो आवेदन पत्र अपूर्ण पाये जायेंगे या राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार नहीं भरे गये हैं, उनके द्वारा प्रारम्भिक स्तर पर ही अस्वीकृत कर दिये जायेंगे। राजस्थान सबऑर्बिटल एंड मिनिस्ट्रियल सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड बाकी उम्मीदवारों को परीक्षा में अनंतिम रूप से उपस्थित होने की अनुमति देगा, जिन्हें वे प्रवेश प्रमाण पत्र देना उचित समझते हैं। किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में तब तक प्रवेश नहीं दिया जाएगा जब तक कि उसके पास परीक्षा में उपस्थित होने से पूर्व राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड द्वारा दिए गए उस परीक्षा में प्रवेश का प्रमाण पत्र हो, यह अभ्यर्थी द्वारा स्वयं सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वह उम्र के संबंध में शर्तें। शैक्षिक योग्यता, अनुभव यदि कोई हो, जैसा कि नियमों में प्रदान किया गया है। परीक्षा में बैठने की अनुमति दिए जाने से उम्मीदवार पात्रता के लिए अनुमान लगाने का हकदार नहीं होगा। राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों के ही आवेदन पत्रों की बाद में जांच करेगा।

(ix) किसी परीक्षा में अभ्यर्थी के प्रवेश और पात्रता के संबंध में राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड का निर्णय अंतिम होगा।

(x) राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड, ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं के चयन अथवा लिपिक ग्रेडद्वितीय परीक्षा जैसी भी स्थिति हो, के लिए आयोजित परीक्षा में सफल घोषित अभ्यर्थियों की श्रेणीवार योग्यता सूची तैयार करेगा:

बशर्ते कि राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड अंतिम रूप से सूचित रिक्तियों के पचास प्रतिशत की सीमा तक उपयुक्त उम्मीदवारों के नाम आरक्षित सूची में रख सकता है। राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड मांग पर योग्यता के क्रम में ऐसे उम्मीदवारों के नाम की सिफारिश आयुक्त, पंचायती राज को कर सकता है, जिस तारीख को राजस्थान अधीनस्थ और मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड द्वारा मूल सूची अग्रेषित की गई थी।

परन्तु यह और कि राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड सरकार द्वारा समयसमय पर निर्धारित आरक्षण के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, विशेष पिछड़ा वर्ग, महिला, विकलांग व्यक्तियों एवं खिलाड़ियों के अभ्यर्थियों की पृथक सूची तैयार करेगा।

(xi) उम्मीदवारों के नाम उनके द्वारा परीक्षा में प्राप्त कुल अंकों के क्रम में संबंधित सूची में व्यवस्थित किए जाएंगे।

(xii) राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिकवर्गीय सेवा चयन बोर्ड इन सूचियों को आयुक्त, पंचायती राज को भेजेगा जो इसे संबंधित नियुक्ति प्राधिकारी की जानकारी के लिए अधिसूचित करेंगे। आयुक्त की इन सूची में से पंचायती राज आवेदन पत्र में लिखित अभ्यर्थी की वरीयता के अनुसार अभ्यर्थियों को जिला आवंटित करेगा।]

पदोन्नति एवं स्थानान्तरण द्वारा भर्ती की प्रक्रिया

278. चयन के लिए सिद्धान्त – (1) पदोन्नति के लिए, जिले में सेवा कर रहे सेवा के उन सदस्यों में से जो ऐसी पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, वरिष्ठता-एवं-योग्यता के आधार पर चयन किया जायेगाः परन्तु यह कि इन नियमों के अन्तर्गत सेवा के संस्थायी (सबस्टान्टिव) सदस्य या पंचायत समिति एवं जिला परिषद चतुर्थ श्रेणी सेवा नियम, 1959 के अधीन सेवा के संस्थायी सदस्य, जो इन नियमों के नियम 266 के अधीन विहित शर्तो के अनुसार सेवा में किसी अन्य उच्चतर पद के लिए अन्यथा रूप से पात्र हैं, उन्हें इस अध्याय में दी गयी प्रक्र्रिया के अनुसार पदोन्नति के रूप में ऐसे पदों पर नियुक्त किया जायेगा। तथापि, ऐसी नियुक्तियां इन नियमों के नियम 246 के 286 के प्रावधानों के अध्यधीन होगी। 

(2) पदोन्नति के लिए अभ्यर्थियों का चयन करने में, उनकी निम्न बातों को ध्यान में रखा जायेगा- 

(क) शैक्षिक एव तकनीकी अर्हताएं एवं ज्ञान 

(ख) चातुर्य, योग्यता एवं बुद्धिमानी 

(ग) सत्यनिष्ठा, एवं 

(घ) सेवा का पूर्ण अभिलेख 

(ड़) विद्यमान पद पर न्यूनतम पांच वर्ष का अनुभव। 

(3) ड्राइवरों के 10 प्रतिशत पद तथा कनष्ठि लिपिकों के 15 प्रतिशत पद राज्य सरकार के विद्यमान नियमों के अनुसार या समय-समय 

पर संशोधित विद्यमान नियमों के अनुसार चतुर्थ श्रेणी सेवा के सदस्यों में से पदोन्नति द्वारा भरे जायेंगे: 

बशर्ते कि उप.नियम (2) में निर्धारित शर्तों को पूरा किया जाता है।

*[(4) किसी भी व्यक्ति को पदोन्नति की तारीख से 5 भर्ती वर्षों के लिए पदोन्नति के लिए विचार नहीं किया जाएगा, यदि उसके 1.6.2002 को या उसके बाद दो से अधिक बच्चे हैं;]

बशर्ते कि दो से अधिक बच्चे वाले व्यक्ति को तब तक पदोन्नति के लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा जब तक कि 1.6.2002 को उसके बच्चों की संख्या में वृद्धि नहीं होती है;

परन्तु यह और कि जहाँ किसी सरकारी सेवक के पूर्व प्रसव से केवल एक ही सन्तान हो परन्तु बाद के एकल प्रसव से एक से अधिक सन्तानों का जन्म हो, वहाँ बालकों की कुल संख्या की गणना करते समय इस प्रकार उत्पन्न सन्तानों को एक इकाई माना जायेगा।]

279. चयन के लिए प्रक्रिया – (1) जब भी जिले में सेवा की विभिन्न ग्रेडों एवं श्रेणियों में रिक्त पदों को पदोन्न्ति के द्वारा भरा जाना हो तो समिति पंचायत समिति एवं जिला परिषद से सिफारिशें आमन्त्रित करेगी। पदोन्नति के लिए सिफारिशों को तथा सिफारिश किए गए व्यक्तियों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदनों एवं अन्य सेवा अभिलेखों को प्राप्त करने पर उन पर विचार किया जायेगा, तथा जिन लोगों को अधिक्रमित (सुपरसीड) किए गया है, उन पर भी विचार किया जायेगा तथा इसके बाद वरिष्ठता के क्रम में उस ग्रेड या श्रेणी में पदोन्न्ति के लिए पात्र व्यक्तियों की एक सूची तैयार की जायेगी तथा साथ में व्यक्तियों को यदि कोई हों, अधिक्रमित किए जाने के कारणों का उल्लेख किया जायेगा। 

(2) पदोन्नति के लिए पात्रता की सीमा वरिष्ठता-एवं-योग्यता के आधार पर भरे जाने वाले रिक्त पदों की संख्या का पांच गुना होगा। 

280. आवंटन एवं नियुक्ति – (1) पंचायत समितियों या जिला परिषद से अधियाचना प्राप्त किए जाने पर, समिति उस सूची में से व्यक्तियों को उसी क्रम में अलाट करेगी जिस क्रम में उनके नाम उस सूची में दिए गए हैं। 

(2) पंचायत समितियां या जिला परिषद समिति से आवंटन प्राप्त हो जाने पर, इस प्रकार आवंटित किए गए व्यक्तियों को उन पदों पर नियुक्त करेगी जिनके लिए समिति द्वारा उन्हें चयनित किया गया है। 

281. सेवा में पदों पर राज्य सरकार के कर्मचारियों का स्थानान्तरण – पंचायत समिति या जिला परिषद से इस आशय की अधियाचना प्राप्त होने पर कि पदोन्नति द्वारा या अन्य पंचायत समितियों या जिला परिषद से स्थानान्तरण द्वारा सेवा में पद पर नियुक्ति के लिए सेवा का कोई सदस्य उपलब्ध नहीं है, तथा उस पद को किसी एसे व्यक्ति के स्थानान्तरण द्वारा भरा जाना है जो सेवा में उस पद के सामान्य राज्य सेवा में किसी पद को धारण कर रहा हो, तो मुख्य कार्यकारी अधिकारी उस राज्य कर्मचारी की सहमति प्राप्त करके एवं इस सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागाध्यक्ष की अनुमति लेकर, उस व्यक्ति का स्थानान्तरण करने के लिए समिति के पास अपनी सिफारिशों को भेजेगा। इसके बाद समिति ऐसे व्यक्ति को सम्बन्धित पंचायत समिति या जिला परिषद को अलाट करेगी। पंचायत समिति या जिला परिषद 

जैसी भी स्थिति हो, तब इस प्रकार अलाट किए गए व्यक्ति को इन नियमों में दी गयी शर्ता के अनुसार पद पर नियुक्त करेगी। 

*[282. सरप्लस (बेशी) घोषित किए गए सरकारी कर्मचारियों की सेवा में स्थानान्तरण द्वारा भर्ती – (1) जब भी सरकार के अधीन पदों को कम करने/समाप्त करने के कारण किसी सरकारी कर्मचारी को सरप्लस किया जताा है या उसको सरप्लस करने की सम्भावना हो, तो वह इस नियम में एतद्पश्चत् दिए गए तरीके से, ऐसे किसी पद पर, उसे उसकी सहमति से नियुक्त किया जायेगा जो राज्य सरकार द्वारा उस सरकारी कर्मचारी द्वारा उसका स्थानान्तरण किए जाने से पूर्व धारित पद के समान होने के रूप में सरकार द्वारा घोषित किया गया है। 

(2) सरकार के अधीन सरलप्स किए गए इन व्यक्तियों की एक सूची, निदेशक, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज को, जिसे इसमें आगे इस भाग में निदेशक कहा गया है, भेजी जायेगी जो उस सूची में, प्रत्येक जिले के लिए सेवा में पदों के लिए व्यक्तियों का चयन करेगा तथा इस प्रकार चयन किए गए व्यक्तियों को उस समिति से सम्बन्धित पंचायत समितियों एवं जिला परिषद में विद्यमान रिक्त पदों की संख्या के बराबर संस्था में समिति को आवंटित करेगा। निदेशक को भेजी गयी सूची की एक प्रति साथ-साथ सम्बन्धित विभागाध्यक्ष को भी भेजी जायेगी। ]

283. पदों को कम करने / समाप्त करने के कारण सरप्लस किए गए सेवा के सदस्यों का अन्तर्व्यन – (1) सेवा में कतिपय पदों का कम करने/समाप्त कर दिये जाने के कारण, सरप्लस किए गए व्यक्तियों की एक सूची पंचायत समितियों या जिला परिषद द्वारा सरकार को भेजी जायेगी तथा साथ ही उसकी एक प्रति मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को भेजी जायेगी जिसके कि आधार पर सरकार सेवा में इस प्रकार सरप्लस किए गए व्यक्तियों की जिलेवार एक सूची तैयार करेगी। 

(2) सरप्लस कर्मचारी, जिन्हें जिले के भीतर अन्तर्लायित (एब्जार्ब) किया जा सकता है, सेवा में उस समय विद्यमान रिक्त पदों की संख्या के अनुसार या समान पदों या कमी करने के अन्तर्गत लाए गए सेवा में पदों के समकक्ष होने के रूप में सरकार द्वारा घोषित किए गए पदों पर समिति द्वारा नियुक्त किया जायेगा। 

(3) समिति तद्नुसार उन व्यक्तियों को सम्बन्धित पंचायत समिति या जिला परिषद को अलाट करेगी जो इस प्रकार अलाट किये गए व्यक्तियों को समान पदों पर या सेवा में सम्मानित किए गए पदों पर ऐसी शर्तो पर जो उन सम्मानित पदों (इन्वेटेड पोस्ट्स) पर लागू होंगी, करेगी। 

(4) जिन व्यक्तियों को जिले के बाहर अन्तर्लपित (एब्जार्व) किए जाने का प्रस्ताव किया गया है, उनकी एक सूची निेदेशक द्वारा सम्बन्धित मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजी जायेगी जो उन्हें समान या समानित दिए गए पदों पर अन्तर्लपित (एब्जार्व) करेगा।

 अति आवश्यक अस्थायी नियुक्ति

284. अति आवश्यक अस्थायी नियुक्ति द्वारा रिक्त पदों को भरना – (1) यदि रिक्त पद को भरने के लिए, किसी समय, कोई चयन नहीं किया गया हो या समिति द्वारा चयनित कोई व्यक्ति उपलब्ध न हो, तो नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा अधिकतम छह माह की अवधि के लिए अत्यावष्यक व अस्थायी आधार पर नियुक्ति दी जा सकेगी, परन्तु यह कि पंचायतां के मामले में जिला स्थापना समिति की पूर्व अनुमति से तथा पंचायत समिति/जिला परिषद द्वारा तैयार राज्य सरकार की अनुमति से केवल संविदा के आधार पर ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति की जायेगी। 

(2) यदि रिक्त पद को अस्थायी रूप से सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने के लिए प्रस्ताव किया गया हो तो निकटतम रोजगार कार्यालय को इस प्रकार रिक्त पदों की संख्या में कम से कम पांच गुने उन व्यक्तियों के नाम की एक पेनल (सूची) भेजने के लिए कहा जायेगा जो न्यूनतम अपेक्षित अर्हता रखते हों। नियुक्ति प्राधिकारी तब पद के लिए उपयुक्त व्यक्तियों को, अभ्यर्थियों की उस सूची में नियुक्त करेगा। 

(3) यदि रिक्त पद को अस्थायी रूप से पदोन्नति द्वारा भरने का प्रस्ताव किया गया हो तो अगली निम्न ग्रेड में वरिष्ठत कर्मचारी को नियुक्ति प्राधिकारी इस प्रकार नियुक्त कर सकेगा: परन्तु यह कि यदि वरिष्ठतम कर्मचारी का रिकार्ड सन्तोषप्रद नहीं है, तो उसके ठीक नीचे के व्यक्ति को इस प्रकार नियुक्त किया जायेगा। 

(4) तथापि, ऐसी अस्थायी नियुक्ति की अवधि, केवल समिति की पूर्व सहमति से ही, छह माह के बाद बढ़ाई जायेगी। 

(5) इस नियम के तहत की गई अस्थायी नियुक्ति समिति द्वारा चयनित उम्मीदवार के उपलब्ध होते ही समाप्त हो जाएगी। इस प्रकार उपलब्ध कराए गए और पंचायत समिति/जिला परिषद के अधिकार में रखे गए उम्मीदवारों को नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा उन रिक्तियों पर तत्काल नियुक्त किया जाएगा जिनके विरुद्ध अस्थायी नियुक्तियां की गई हैं और ड्यूटी के लिए उनकी रिपोर्ट करने पर, अस्थायी नियुक्तियों वाले व्यक्तियों को अपना कार्यालय खाली कर दिया है और उसके बाद किसी भी वेतन के हकदार नहीं होंगे।

285. वरिष्ठता –  सेवा के निम्नतम ग्रेड या श्रेणी में वरिष्ठता स्थायीकरण की तिथि से निर्धारित की जायेगी तथा अन्य उच्चतर पदों पर पदोन्नति द्वारा भरे जाने पर नियमित चयन की तिथि से निर्धारित की जायेगी:

परन्तु: : –

(i) कि यदि दो या दो से अधिक व्यक्तियों को एक ही क्रम या एक ही तिथि के आदेश के अधीन एक ही श्रेणी या श्रेणी के पदों पर नियुक्त किया जाता है तो उनकी वरिष्ठता उसी क्रम में होगी जिस क्रम में उनके नाम समिति द्वारा तैयार की गई सूची में आये हों।

(ii) स्थानान्तरण द्वारा नियुक्त व्यक्तियों की वरिष्ठता संस्थायी  रूप से नियुक्त व्यक्तियों से नीचे नियत की जायेगी और वह सबसे कनिष्ठ होगा यद्यपि उसका वेतन वैयक्तिक वेतन के रूप में सुरक्षित रहेगा।

(iii) किसी विशेष वर्ष में पदोन्नति द्वारा नियुक्त व्यक्ति सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त व्यक्तियों से वरिष्ठ होंगे।

*[286. परिवीक्षा की कालावधि(1) स्पष्ट रिक्ति पर सीधी भर्ती द्वारा सेवा में प्रवेश करने वाले व्यक्ति को दो वर्ष की कालावधि के लिए परिवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी के रूप में पदस्थापित किया जायेगा :

परन्तु ऐसी नियुक्ति के पश्चातृ की ऐसी किसी भी कालावधि को, जिसके दौरान कोई व्यक्ति तत्समान या उच्चतर पद पर प्रतिनियुक्ति पर रहा है, प्रतिनियुक्ति
की कालावधि में गिना जायेगा।

(2) उपनियम (1) में विनिर्दिष्ट परिवीक्षा की कालावधि के दौरान प्रत्येक परिवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी
से ऐसी विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने और ऐसा प्रशिक्षण पूरा करने की अपेक्षा की जायेगी जो राज्य सरकार, समय-समय पर विनिर्दिष्ट करें।]

**[(3 ) ***]

**[राजस्थान पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) नियम, 2012 द्वारा जोड़ गया। संख्या एफ. 4 (7) अगे / रूल्स/ लीगल / पीआर/2012/2049 दिनांक 17-12-2012 एवं राजस्थान राजपत्र भाग 4 (ग) दिनांक 18-12-2012 को प्रकाशित एवं प्रभावी तथा एफ. 4 (7) अमे/ लीगल / पी.आर./2014/397 दिनांक 8-6-2016 द्वारा विलोपित]

*[286क परिवीक्षा के दौरान वेतन-सीधी भर्ती द्वारा सेवा में नियुक्त किसी परिवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी को परिवीक्षा
कालावधि के दौरान ऐसी दरों से मासिक नियत पारिश्रमिक संदत्त किया जायेगा जो राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर नियत किया जाये।]

*[संख्या एफ. 4 (33) पी. आर. डी. / विधि/पी. राज नियम / एमेण्ड / एल ऐजू/2006/4365 दिनांक 22-9-2006 द्वारा नियम 286 एवं नियम 286 अन्तःस्थापित किया गया। राजस्थान राजपत्र भाग 4() दिनांक 10-10-2006 को प्रकाशित एवं प्रभावी।

287. परिवीक्षा के दौरान असन्तोषजनक प्रगति – (1)यदि जिला परिषद या पंचायत समिति जैसा भी को यह प्रतीत हो कि सेवा के किसी सदस्य ने अपने अवसरों का पर्याप्त उपयोग नहीं किया है या कि मामला हो, वह सन्तोष प्रदान करने में असफल हुआ है तो पंचायत समिति या जिला परिषद् उसे सेवा से हटा सकेगी या यदि उसका कोई अधिष्ठायी पद है तो उसे उस पद पर प्रतिवर्तित कर सकेगी: परन्तु पंचायत समिति / जिला परिषद् कुल एक वर्ष से अनधिक कालावधि तक सेवा के किसी भी सदस्य का परिवीक्षा काल बढ़ा सकेगी। 

(2) उपनियम (1) के अधीन परिवीक्षाकाल के दौरान या अन्त में सेवा से प्रतिवर्तित या हटाया गया कोई परिवीक्षाधीन व्यक्ति किसी भी प्रतिकर का हकदार नहीं होगा।

288. स्थायीकरण – परिवीक्षाधीन व्यक्ति को उसके परिवीक्षाकाल के अन्त में उसकी नियुक्ति में स्थायी किया जायेगा यदि पंचायत समिति या जिला परिषद् को यह समाधान हो जाये कि उसकी सत्यनिष्ठा प्रश्नास्पद नहीं है, उसका कार्य सन्तोषप्रद है और वह अन्यथा स्थायीकरण के लिए योग्य है।

289. जिले के भीतर स्थानान्तरण (1) जिले के भीतर स्थानान्तरण के इच्छुक अथवा स्थानान्तरण के इच्छुक कर्मचारी का नाम पंचायत समिति द्वारा *[सम्बन्धित जिला परिषद की प्रशासन एवं स्थापना समिति] को सूचित किया जायेगा।

(2) ऐसे कर्मचारी की पदस्थापना संबंधित पंचायत समिति या जिला परिषद द्वारा *[जिला परिषद की प्रशासन एवं स्थापना समिति] की सिफारिश पर स्थानान्तरण द्वारा की जायेगी।

(3) राज्य सरकार समयसमय पर तबादलों के संबंध में आदेश जारी कर सकती है। यदि *[जिला परिषद की प्रशासन एवं स्थापना समिति] पंचायत समिति की स्थायी समिति सहमत नहीं होती है, तो मुख्य कार्यकारी अधिकारी/विकास अधिकारी, जैसा भी मामला हो, राज्य सरकार के आदेशों का पालन करेगा।

(4) कर्मचारियों के स्थानान्तरण पर उनका गोपनीय नामावली एवं सेवा अभिलेख बिना किसी परिहार्य विलम्ब के उस पंचायत समितिजिला परिषद् को प्रेषित किया जायेगा, जिसे उनकी सेवाएँ स्थानान्तरित की गयी हैं।

290. जिले के बाहर स्थानांतरण (1) स्थानान्तरण के इच्छुक अथवा एक जिले से दूसरे जिले में स्थानान्तरण के इच्छुक कर्मचारी का नाम यथास्थिति पंचायत समिति या जिला परिषद द्वारा निदेशक को सूचित किया जायेगा।

(2) ऐसे कर्मचारी की पदस्थापना संबंधित पंचायत समिति या जिला परिषद् द्वारा उस समय विद्यमान रिक्त पदों के विरुद्ध राज्य सरकार की सिफारिश पर स्थानान्तरण द्वारा की जायेगी। राज्य सरकार सेवा के किसी भी सदस्य को *[किसी भी स्थान से पदस्थापन के किसी अन्य स्थान पर चाहे एक ही पंचायत समिति के भीतर या] एक पंचायत समिति से उसी जिले के भीतर या उसके बाहर दूसरी पंचायत समिति में स्थानांतरित कर सकती है, एक जिला परिषद से एक अन्य जिला परिषद, या पंचायत समिति से जिला परिषद या एक जिला परिषद से पंचायत समिति और इन नियमों के तहत किए गए स्थानांतरण के किसी भी आदेश के संचालन को रोक सकता है, या रद्द कर सकता है। संबंधित मुख्य कार्यकारी अधिकारी या विकास अधिकारी ऐसे आदेशों का पालन करेंगे *[:]

*[परन्तु अधिनियम की धारा 89 की उपधारा (2) के खंड (i) और (iv) में निर्दिष्ट पदों के कर्मचारियों को उस जिले से बाहर स्थानांतरित नहीं किया जाएगा जिसमें उन्हें नियुक्त किया गया था।]

(3) किसी कर्मचारी के स्थानान्तरण पर उसका गोपनीय नामावली एवं सेवा अभिलेख बिना किसी परिहार्य विलम्ब के उस पंचायत समिति/जिला परिषद को प्रेषित किया जायेगा, जिसे उसकी सेवाएँ स्थानान्तरित की गयी हैं।

291. स्थानान्तरण पर वरिष्ठता धारा 89 की उपधारा (8 – ) के अधीन राज्य सरकार द्वारा जिले के बाहर स्थानान्तरित कर्मचारी की वरिष्ठता उस जिले की समिति द्वारा अवधारित की जायेगी जिसमें उसे स्थानान्तरित किया गया है: –

(i) यदि कर्मचारी के अनुरोध पर स्थानांतरण किया जाता है, तो उसकी वरिष्ठता उस संवर्ग की वरिष्ठता सूची के नीचे तय की जाएगी जिससे वह संबंधित है; तथा

(ii) यदि स्थानांतरण प्रशासनिक या अन्य कारणों से किया जाता है, तो उसकी वरिष्ठता सदृश पद पर उसकी निरंतर मौलिक सेवा के आधार पर तय की जाएगी।

वेतन

292. वेतनमान और मंहगाई भत्ता –   सेवा के किसी सदस्य को अनुमन्य वेतनमान और मंहगाई भत्ता ऐसा होगा जैसा कि सरकार द्वारा समयसमय पर सरकारी सेवकों की तदनुरूपी श्रेणी या श्रेणी के संबंध में या किसी विशेष श्रेणी के पद के संबंध में सरकार द्वारा नियत किया जाए।

अन्य प्रावधान

293. वेतन, अवकाश, भत्ता, पेंशन आदि के विनियम इन नियमों में यथा उपबंधित को छोड़कर, वेतन, भत्ते, वेतन वृद्धि, सामान्य भविष्य निधि, राज्य बीमा कटौतियां, पेंशन, ग्रेच्युटी, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, अनिवार्य सेवानिवृत्ति आदि, अवकाश, प्रतिनियुक्ति और सेवा के सदस्यों की सेवा की अन्य शर्ते समयसमय पर संशोधित राजस्थान सेवा नियम, 1951 और राजस्थान यात्रा भत्ता नियमावली द्वारा आवश्यक परिवर्तनों सहित विनियमित की जाएंगी।

*[293. हैंडपंप मिस्त्रियों को मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता, अवकाश एवं अन्य लाभ इन नियमों में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी हैण्ड पम्प मिस्त्रियों को समयसमय पर विशिष्ट शासनादेशों के अनुसार मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता, अवकाश (सभी प्रकार के), अवकाश की स्थिति एवं अतिरिक्त सुविधाएँ अनुज्ञेय होंगी।]

294. पेंशन का भुगतान (1) सेवा का सदस्य राज्य की संचित निधि में से सरकार द्वारा पेंशन भुगतान का हकदार होगा तथा प्रत्येक पंचायत समिति एवं जिला परिषद् उस खाते में सरकार को पेंशन अंशदान करेगी तथा भुगतान करेगी। राजस्थान सेवा नियमावली के परिशिष्ट – V में निर्धारित दरें।

(2) संबंधित पंचायत समिति/जिला परिषद् से पेंशन के कागजात प्राप्त होने पर निदेशक स्थानीय निधि लेखापरीक्षा द्वारा पेंशन भुगतान आदेश जारी किया जायेगा। भुगतान पेंशनभोगी के अनुरोध के अनुसार निदेशक स्थानीय निधि लेखापरीक्षा द्वारा प्राधिकृत कोषागार/ बैंक से आहरित किया जा सकता है।

(3) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला परिषद राजस्थान सेवा नियमावली के प्रावधानों के अनुसार पेंशनभोगी को अनंतिम पेंशन भुगतान आदेश जारी करने के लिए सक्षम होगा।

295. प्रशिक्षण के दौरान असंतोषजनक प्रगति – यदि सेवा का कोई सदस्य पंचायत समिति/जिला परिषद या राज्य सरकार द्वारा मनोनीत किये जाने के बाद प्रशिक्षण लेने में विफल रहता है या उपरोक्त प्रशिक्षण में शामिल होने के बाद संतोषजनक ढंग से अध्ययन करने में विफल रहता है या प्रशिक्षण पूरा करने में विफल रहता है या परीक्षा में उपस्थित होने और पास करने में विफल रहता है। बिना उचित एवं उचित कारण के ऐसे प्रशिक्षण की निर्धारित परीक्षाओं के लिए वह ऐसे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त वृत्तिका की राशि, यदि कोई हो, वापस करने के लिए उत्तरदायी होगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भी उत्तरदायी होगा।

*[296. नियमों में ढील देने की शक्ति – संबंधित पंचायत समितियों/जिला परिषदों द्वारा एक संदर्भ पर, एक असाधारण मामले में जहां प्रशासनिक विभाग संतुष्ट है कि आयु से संबंधित नियमों का संचालन या भर्ती के लिए अनुभव की आवश्यकता के संबंध में, यदि कोई हो, किसी विशेष मामले में अनुचित कठिनाई का कारण बनता है जहां सरकार की यह राय है कि किसी व्यक्ति की आयु या अनुभव के संबंध में इन नियमों के किसी भी प्रावधान में छूट देना आवश्यक या समीचीन है, तो वह कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग की सहमति से इन नियमों में छूट दे सकती है। इन नियमों के प्रासंगिक प्रावधान उस हद तक और ऐसी शर्तों के अधीन हैं जो मामले को न्यायोचित और न्यायसंगत तरीके से निपटाने के लिए आवश्यक समझें, बशर्ते कि ऐसी छूट इन नियमों में पहले से मौजूद प्रावधानों से कम अनुकूल नहीं होगी।]

Rajasthan Panchayati Raj Rules 1996 in Hindi (Chapter 12 Recruitment and Other Service Condition)

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